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हरिद्वार: हरियाणा के रोहतक से ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

हरिद्वार: हरियाणा के रोहतक से ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ट्रेन से उतरने पर जीआरपी की टीम को देख युवक भागा था। टीम ने उसका पीछा किया। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल पाया। देर शाम एक अंजान शख्स ने युवक को जख्मी हालत में जिला अस्पताल में भर्ती करा गया। जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मौत पर सवाल उठाते हुए जीआरपी पर संगीन आरोप लगाए हैं।

दूसरी ओर जीआरपी के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र आर्य ने आरोपों से इन्कार करते हुए बताया कि उनकी टीम ने किसी व्यक्ति का पीछा नहीं किया न ही किसी को हिरासत में लिया गया। हरियाणा के हिसार जिले के किरोरी गांव निवासी राजबीर ¨सह और उसका मौसेरा भाई राजेश पुत्र सरूप ¨सह निवासी मोहल्ला कच्ची गढ़ी रोहतक मंगलवार की सुबह ट्रेन से हरिद्वार आए थे। राजबीर के अनुसार दोनों बिना टिकट हरिद्वार पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही जीआरपी की टीम ने उसे पकड़ लिया, जबकि राजेश भाग निकला। इस पर टीम में शामिल सिपाही ने उसका पीछा भी किया। राजबीर के अनुसार उसे जीआरपी की टीम थाने ले आई और दिन भर बिठाने के बाद शाम को छोड़ दिया। राजबीर ने बताया कि उसने जीआरपी के सिपाहियों से अपने भाई के बारे में पूछा तो पता चला कि वह अस्पताल में भर्ती है। राजबीर जब जिला अस्पताल पहुंचा तो उसे बताया गया कि राजेश की मौत हो चुकी है और शव मोर्चरी में है। राजेश के सिर और पैर पर घाव भी पाए गए। राजबीर की सूचना पर दोनों के परिजन हरिद्वार पहुंचे। परिजनों ने जीआरपी पर गंभीर आरोप लगाए। एसएसआइ जगमोहन रौतेला ने बताया कि पुलिस को अस्पताल से फोन आया। वहां पता चला कि कोई युवक उसे भर्ती करा गया है। चिकित्सकों के अनुसार वह गंभीर रूप से घायल था। पुलिस के अनुसार अभी कोई तहरीर नहीं मिली है, मिलने पर जांच की जाएगी। दूसरी ओर जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र ¨सह का कहना है कि उनकी टीम ने राजेश को पकड़ा ही नहीं था। ऐसे में सभी आरोप निराधार हैं। दो परिवारों का सहारा था राजेश परिजनों ने बताया कि 34 वर्षीय राजेश के कंधों पर दो-दो परिवारों की जिम्मेदारी थी। कुछ साल पहले राजेश के बड़े भाई राकेश की एक हादसे में मौत हो गई थी। बड़े भाई की पत्नी व तीन बच्चों का खर्च भी राजेश उठाता था। राजेश के भी चार बच्चे हैं। वह ठेली पर फल व सब्जी बेचता था।

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