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इस्लाम के नाम की मुहर वाला अवार्ड दीया सऊदी अरब की गायिका को “पैग़ंबरे इस्लाम” लोगों में भारी आक्रोश

सऊदी अरब में मिस्र की गायिका सुमैया ख़श्शाब को अवार्ड दिए जाने की वीडियो और तसवीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अरब यूज़र्स ने गहरा आक्रोश जताया है। मिस्री गायिका ख़श्शाब को पैग़म्बरे इस्लाम के नाम की मोहर वाला वार्ड दिया है। इस पर सऊदी अरब के भीतर ही नहीं कई दूसरे अरब देशों में भी बहस छिड़ गई है।

सऊदी अरब में महिलाओं को सम्मानित करने के लिए समारोह का आयोजन करने वाले संगठन की चौतरफ़ा निंदा की जा रही है। संगठन का कहना है कि उसने गायिका को इसलिए एवार्ड नहीं दिया है कि वह गायिका है बल्कि इसलिए दिया है कि वह मिस्र की एक संस्था की सदस्य हैं।

समारोह का आयोजन जिस संस्था ने किया है कि उसके प्रमुख का नाम मुहम्मद ग़ामेदी है जबकि यह पूरा कार्यक्रम सऊदी अरब के मीडिया मंत्रालय की ओर से करवाया गया।

सुमैया ख़श्शाब का कहना है कि उन्हें सऊदी अरब के मीडिया मंत्रालय ने सम्मानित किया है और इस एवार्ड का उनके किसी पद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने ऊपर होने वाले टिप्पणियों से कोई परेशानी नहीं है इसलिए कि सऊदी अरब खुले समाज की ओर बढ़ रहा है और जब यह स्थिति होती है तो उसके कुछ समर्थक और कुछ विरोधी होते हैं। सुमैया ने कहा कि सऊदी अरब में मेरा भव्य स्वागत हुआ। समारोह में मेरे लिए खूब तालियां बजीं मुझे लगा कि मैं तो आसमान में उड़ रही हूं।

सुमैया ने कहा कि मुझे जो एवार्ड दिया गया उस पर पैग़म्बरे इस्लाम के नाम की मुहर लगी हुई थी तो इसमें मेरा क्या गुनाह है।

सोशल मीडिया पर सऊदी अरब के मीडिया मंत्रालय की कड़ी आलोचना की जा रही है। एक यूज़र ने लिखा कि पैग़म्बरे इस्लाम के नाम की मोहर वाले एवर्ड से सऊदी अरब ने मिस्री गालिया को सम्मानित किया, ईश्वर सऊदी अधिकारियों का मार्गदर्शन करे कहीं वह इवान्का ट्रम्प को एवार्ड के रूप में काबा न सौंप दें!

मिस्र के अलअहराम और अश्शुरूक़ जैसे बड़े अखबारों के पूर्व मुख्य संपादक अब्दुल अज़ीम हम्माद ने सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अरबों को चाहिए कि राजनीति शास्त्र में एक नया शब्द जोड़ें किड्ज़ोक्रेसी अर्थात बच्चों का शासन। सऊदी लौंडों ने मिस्री माडल को रसूलुल्लाह के नाम की मुहर वाला एवार्ड कैसे दे दिया? मैं कलाकारों का सम्मान करता हूं लेकिन हर चीज़ का एक उचित स्थान होता है।

एक यूज़र ने लिखा कि स्वाभाविक है कि जमाल ख़ाशुक़जी के हत्यारे मुहम्मद बिन सलमान सुमैया को यह एवार्ड दें बल्कि यह भी संभव है कि वह कल काबे की चाबी भी किसी माडल को एवार्ड के रूप में ना सौंप दें।

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